Saturday, September 22, 2012

श्रीप्रकाश जायसवाल के काफिले पर चले जूते-चप्पल
कानपुर. रिटेल में एफडीआई, डीजल और एलपीजी की कीमतें बढ़ाने के पक्ष में सरकार लाख दलील दे रही है, महंगाई के खिलाफ लोगों का गुस्‍सा कम नहीं हुआ है। खुदरा कारोबार में विदेशी निवेश (एफडीआई) का विरोध कर रहे व्यापारियों के गुस्से का शनिवार को केंद्रीय कोयला मंत्री और कानपुर के सांसद श्रीप्रकाश जायसवाल को सामना करना पड़ा। व्यापारियों ने मंत्री जी के काफिले पर जूते-चप्पल उछाले।
शनिवार को जायसवाल अपने किसी परिचित के अंतिम संस्कार में शामिल होने कानपुर के भैरव घाट गए थे। वहां से जब उनका काफिला लौट रहा था, तो खुदरा कारोबार में एफडीआई का विरोध कर रहे कुछ व्यापारियों ने उनके काफिले को रोकने की कोशिश की, लेकिन जायसवाल का काफिला वहां नहीं रुका। इससे नाराज व्यापारियों ने जायसवाल की तरफ जूते-चप्पल उछाले, लेकिन ये किसी को लगे नहीं।
काफिला नहीं रुकने से नाराज व्यापारियों और जायसवाल के पीछे चल रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं में जमकर झड़प भी हुई। व्यापारियों ने केंद्र सरकार, जायसवाल और एफडीआई के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
इससे पहले यूपीए सरकार के कई मंत्रियों को पहले इसके विरोध का सामना करना पड़ा लेकिन अब खुद पीएम मनमोहन सिंह भी इससे नहीं बच सके हैं। सियासी घमासान (कल्‍पेश याग्निक का संपादकीय) के बीच मनमोहन ने अपने कड़े फैसलों पर सफाई दी लेकिन शनिवार को विज्ञान भवन में एक कार्यक्रम के दौरान एक शख्‍स ने शर्ट उतारकर पीएम का विरोध (तस्‍वीरें) किया। प्रधानमंत्री आज शाम राष्‍ट्रपति प्रणब मुखर्जी से मुलाकात करेंगे। इस दौरान ताजा राजनीतिक हालात पर चर्चा हो सकती है।
पीएम विज्ञान भवन में आर्थिक विकास पर कॉन्‍फ्रेंस में हिस्‍सा लेने पहुंचे थे। पीएम अपना भाषण देने मंच पर पहुंचे कि सभागार में मौजूद एक वकील, जो लालू की पार्टी राष्‍ट्रीय जनता दल से जुड़ा है, टेबल पर खड़ा हो गया। उसने अपनी शर्ट निकाल ली और पीएम के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। इस शख्‍स ने डीजल की बढ़ी  कीमतें वापस लेने की मांग करते हुए नारेबाजी की। उसने कहा, 'भ्रष्‍ट पीएम वापस जाओ, वापस जाओ। डीजल में मूल्‍य वृद्धि वापस लो, वापस लो।' सुरक्षाकर्मी इस शख्‍स को पकड़कर बाहर ले गए और उससे कड़ाई से पूछताछ की। हंगामा खड़ा करने वाला शख्‍स 'वोट के बदले नोट' मामले में पीएम के खिलाफ केस चलाने की भी मांग कर चुका है। लेकिन पीएम ने सुरक्षा एजेंसियों से इस शख्स के खिलाफ सख्ती न बरतने का निर्देश दिया है।
कांग्रेस ने घटना की जांच की मांग की है। कांग्रेस प्रवक्‍ता राशिद अल्‍वी ने कहा कि विपक्ष ने देश में जिस तरह का माहौल किया है उससे ऐसी घटनाओं से हैरानी नहीं होती हैं। बीजेपी प्रवक्‍ता शाहनवाज हुसैन ने कहा कि महंगाई से आम आदमी परेशान है लेकिन यह पता करने की जरूरत है कि पीएम के खिलाफ नारे लगाने वाला शख्‍स कौन है। सामाजिक कार्यकर्ता अरविंद केजरीवाल ने कहा कि देश की जनता बहुत गुस्‍से में है। सरकार 'रिफॉर्म' के नाम पर 'डिफॉर्म' कर रही है। इसलिए ऐसी घटनाएं सामने आ रही हैं।
(फोटो: पीएम के खिलाफ नारे लगाने वाले संतोष कुमार सुमन की फेसबुक प्रोफाइल से ली गई तस्‍वीर। आगे क्लिक कर देखें घटना की तस्‍वीरें...)

Tuesday, September 18, 2012

03/10/2012

 

पार्टी का एजेंडा जारी होते ही टीम केजरीवाल में शुरू हुई तकरार

पार्टी का एजेंडा जारी होते ही टीम केजरीवाल में शुरू हुई तकरार
नई दिल्‍ली. अन्‍ना हजारे से अलग राह पर चल चुके अरविंद केजरीवाल ने अपनी नई पार्टी का एजेंडा जारी कर दिया। केजरीवाल ने मनीष सिसोदिया, शांति भूषण, प्रशांत भूषण, योगेंद्र यादव और आनंद कुमार के साथ अपनी पार्टी के राजनैतिक एजेंडे को सार्वजनिक किया। नई पार्टी का राजनैतिक एजेंडा तो जारी कर दिया गया है, लेकिन इसके नाम का ऐलान 26 नवंबर को किया जाएगा।
केजरीवाल ने अपनी राजनीतिक पार्टी के नाम का ऐलान न हो पाने की वजह बताते हुए कहा, 'कुछ कानूनी दिक्कतों के कारण पार्टी का नाम हम आज नहीं घोषित कर पा रहे हैं।' अरविंद केजरीवाल ने अपने भाषण में कहा कि उनकी पार्टी का कोई भी व्यक्ति विशेष सुविधाओं का इस्तेमाल नहीं करेगा। केजरीवाल ने यह भी कहा कि उनकी पार्टी में नेताओं के पैर छूने का चलन नहीं होगा और न ही गले मे मालाएं पहनाईं जाएंगी। केजरीवाल ने 6 अक्टूबर को देश के दो बड़े राजनेताओं के भ्रष्टाचार के खुलासे की बात भी कही। उन्होंने कहा कि इन दो बड़े नेताओं के खिलाफ वो भ्रष्टाचार के सबूत पेश करेंगे।
दिल्ली के चुनावों से राजनीतिक पारी की शुरुआत का संकेत देते हुए केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली में शीला दीक्षित सरकार ने पानी और बिजली के दामों में जो बढ़ोत्तरी की है उसे वो कम करवाकर रहेंगे। केजरीवाल ने यह भी कहा कि यदि सरकार बिल न भरने वालों की बिजली काटेगी तो वो खुद जाकर अपने हाथों से बिजली जोड़ेंगे भले ही उन्हें जेल क्यों न जाना पड़े। और अगर 3 नवंबर तक शीला दीक्षित की सरकार बिजली और पानी के रेट कम करने के आदेश नहीं देती हैं तो 4 नवंबर को जनता खुद मुख्यमंत्री के निवास जाकर उनकी बिजली काट देगी। अंत में केजरीवाल ने कहा, 'जयप्रकाश आंदोलन के वक्त देश को हालात बदलने का मौका मिला था। एक बार फिर देश को हालात बदलने का मौका मिला है। यदि हमने यह मौका गंवा दिया तो एक बार फिर हम 30 साल पीछे हो जाएंगे।' 
दूसरी तरफ, अन्ना ने ताज़ा बयान में राजनीति को एक बार फिर कोसा है। उन्होंने कहा है, 'राजनीति में जाना मैं दोष नहीं मानता हूं। हमने लोकशाही को स्वीकार किया तो इसे दोष कैसे मान सकते हैं? लेकिन सत्ता से पैसा और पैसे से सत्ता हासिल करना गलत है। राजनीति से देश की सेवा करने का भाव दूर हो जाता है। राजनीति से इस देश को उज्ज्वल भविष्य मिलेगा, ऐसी मुझे आशा नहीं है। देश में लोकशाही है। सबको अपनी मर्जी से आगे बढ़ने का अधिकार है। लेकिन सेवाभाव से काम करने और राजनीति में आने में फर्क है।'
 अरविंद केजरीवाल की प्रस्तावित पार्टी के एजेंडे की मुख्य बातें:
1. एजेंडे के मुताबिक यह पार्टी नहीं क्रांति है। देश की जनता ने तय किया है कि अब राजनीतिक विकल्प देना ही होगा। हम राजनीति में सत्ता हासिल करने नहीं जा रहे हैं, बल्कि सत्ता के केंद्रों को ध्वस्त करके सत्ता सीधे जनता के हाथों में सौंपने जा रहे हैं।
2. सीधे जनता का राज होगा।
3. भ्रष्टाचार दूर करना होगा। इसके लिए नियंत्रण सीधे जनता के हाथों में देना होगा।
4. महंगाई दूर करनी होगी। इसके लिए जनता मुख्य वस्तुओं को दाम तय करेगी।
5. जनता की मर्जी से भूमि अधिग्रहण होगा।
6. सबको अच्छी शिक्षा और अच्छी स्वास्थ्य सेवाएं।
7. राइट टू रिजेक्ट। यानी मतदान करते समय किसी या सभी उम्मीदवारों को नामंजूर करने का अधिकार।
8. राइट टू रिकॉल। जनता के पास चुने हुए प्रतिनिधि को वापस बुलाने का अधिकार।
9. किसानों को फसलों के उचित दाम दिलवाना।
10. भ्रष्ट नेताओं को सज़ा देने की चाबी जनता के हाथ में होगी।
11. चुनाव जीतने के बाद 10 दिनों के अंदर जन लोकपाल कानून पारित कराया जाएगा।
12. भ्रष्ट नेता चाहे किसी भी पार्टी का हो, जन लोकपाल में शिकायत करेगा तो दोषी पाए जाने पर छह महीने में जेल।
13. प्रस्तावित पार्टा का कोई भी सांसद, विधायक लाल बत्ती या सरकारी बंगला नहीं लेगा।